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बरसों पहले अनाथालय में मरणासन्न अवस्था में आई थी दो बहनें, आज दुल्हन बनकर विदा हुईं


  • दोनों लड़कियों की मां की मौत हो गई थी, बाप ने मरणासन्न अवस्था में छोड़ दिया था
  • लवकुश संस्थान 20 अनाथ लड़कियों की शादी करवा चुका, 1144 बच्चों को गोद दिया चुका

दैनिक भास्कर

Jun 29, 2020, 05:00 PM IST

जोधपुर. शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित लवकुश संस्थान में आज अलग ही नजारा था। मां की मौत के बाद बाप ने कभी जिन दो बहनों को मरणासन्न अवस्था में यहां छोड़ दिया था, उनकी आज शादी हो रही थी और इसके साक्षी बने शहर के लोग और उनके साथ बरसों से रहने वाले 60 बच्चे।

अनाथ बच्चों को पालने के लिए प्रसिद्ध लवकुश संस्थान में बड़ी हुई सोनू और बसंती का विवाह सोमवार को शहर के प्रियेश और गौरव के साथ हुआ। दूल्हा बने दोनों युवक किराणा व्यवसायी हैं। उन्होंने खुद अपना कारोबार खड़ा किया है। शादी में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, निवर्तमान महापौर घनश्याम ओझा समेत शहर के कई गणमान्य लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

लवकुश संस्थान के संचालक राजेन्द्र परिहार ने बताया कि बरसों पहले डेढ़ वर्ष की सोनू और 6 माह की बसंती की मां की मौत हो गई थी। इनके पिता दोनों को यहां छोड़ गए थे। उस समय इन दोनों की हालत बहुत खराब थी और बचने की संभावना भी नजर नहीं आ रही थी। संस्थान ने दोनों को अपने यहां रखा। सोनू ने पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा कोर्स किया है और बसंती ने बीए कर रखा है।

कन्यादान करने वाले अब जीवनभर रिश्ता निभाएंगे
सोनू और बसंती का कन्यादान गौतम मेहता और आशीष अग्रवाल ने किया। कन्यादान करने के लिए इनसे किसी प्रकार का खर्च नहीं लिया गया। इन्हें सिर्फ एक शर्त का पालन अपने परिवार समेत करना होगा। संस्थान की शर्त है कि कन्यादान करने वाले पति-पत्नी ताउम्र इन दोनों कन्याओं की आगे की जिम्मेदारी निभाएंगे।

पूरी जांच और पसंद पूछ कर रिश्ता करते हैं
राजेन्द्र परिहार ने बताया कि संस्थान की विवाह योग्य कन्याओं का समाचार पत्रों में विज्ञापन देते हैं। इसके बाद इच्छुक लोगों के संपर्क करने पर उनकी पूरी जानकारी लेते हैं। घर-परिवार के अलावा लड़कों की पढ़ाई और काम-धंधे के बारे में जानकारी ली जाती है। उन्होंने बताया कि जैसे इन दोनों युवाओं ने किराणा व्यवसाय स्थापित किया। ऐसे में इनकी दुकान पर जाकर कुछ सामान की खरीदारी कर इनके व्यवहार को परखा गया। इसके बाद सोनू और बसंती से दोनों को मिलवाया गया और दोनों की पसंद-नापसंदगी के बारे पूछा गया। दोनों बच्चियों की सहमति मिलने के बाद यह रिश्ता पक्का किया गया।  

लव कुश संस्थान के बारे में…
समाजसेवी भगवान सिंह परिहार ने अनाथ बच्चों का पालने के लिए वर्ष 1989 में लवकुश संस्थान की स्थापना की। अब तक 1144 बच्चों को गोद दिया जा चुका है। कुल 20 लड़कियों की शादी की जा चुकी है। बच्चों को पालने में असमर्थ या अनाथ बच्चों को लोग इस संस्थान के बाहर लगे पालने में छोड़ जाते हैं। इसके बाद संस्थान के कर्मचारी इन बच्चों को परिवार के सदस्यों के समान पालते हैं। 



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